Breaking news
  • 4 माह में एसएसपी ने किया नशे की तस्करी करने वालो के नेटवर्क को ध्वस्त
  • युवतियों ने किया दून पुलिस का आभार प्रकट
  • खुर्दबुर्द की जा रही नगर निगम की सरकारी भूमि: लालचन्द शर्मा
  • महिला आरक्षी ने रक्तदान कर बचाई गर्भवती महिला की जान
  • महिलाओं के लिए किया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
  • नशे की लत से युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद : धस्माना
  • कांग्रेस ने किया भाजपा सरकार का पुतला दहन
  • 19 दिसंबर से होगा तीन दिवसीय एफीनिटी महोत्सव का आयोजन : अरुण 
Todays Date
11 December 2019

बच्चों के शारीरिक विकास पर निगरानी रखने के निर्देश

फोटोः डीडी 7
कैप्शन : समीक्षा बैठक लेते मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह।
बच्चों के शारीरिक विकास पर निगरानी रखने के निर्देश
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख केन्द्र पोषित योजनाओं एवं फ्लैगशिप कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने निर्देश दिये कि बच्चों की शारीरिक विकास पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा पोषण सामग्री वितरण की भी लगातार मानीटरिंग की जाए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव द्वारा किशोरियों की रक्त अल्पता जांचने की मशीन (हीमोमीटर) प्रत्येक विकास खण्ड में उपलब्ध कराने हेतु, वांछित 03 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश सचिव वित्त श्री अमित नेगी को दिये। सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्रीमती सौजन्या ने एकीकृत बाल विकास योजना के अन्तर्गत आई.सी.डी.एस सामान्य, किशोरी शक्ति योजना, आई.सी.डी.एस प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण/अनुरक्षण/उच्चीकरण योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की प्रगति की जानकारी दी तथा प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना पर जानकारी देते हुए बताया कि योजना में जनवरी 2017 से अक्टूबर 2019 तक एक लाख बाइस हजार पन्द्रह के लक्ष्य के विपरीत एक लाख सात सौ छब्बीस माताओं को लाभान्वित किया गया। उन्होंने नेशनल क्रैच स्कीम की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 की रू. 3 करोड़ 24 लाख की धनराशि 2019 में प्राप्त हुई, जिसे पुनर्वैद्य हेतु भारत सरकार को लिखा गया है। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीकृत 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रतिदिन सुबह का नाश्ता एवं ताजा पका भोजन दिया जाता है जबकि 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को माता समिति/महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने अतिकुपोषित, कुपोषित बच्चों, सर्विलान्स/ट्रेकिंग सर्विसेस के बारे में जानकारी दी, तथा बताया कि आई.सी.डी.एस-सी.ए.एस योजना के तहत प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र को स्मार्ट फोन से जोड़ा जा रहा है। 04 जनपदों चमोली, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, उत्तरकाशी में प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है शेष में प्रशिक्षण गतिमान है। बैठक में सचिव वित्त अमित नेगी, अपर सचिव महिला कल्याण योगेन्द्र यादव, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सुश्री झरना कमठान, उप निदेशक श्रीमती सुजाता सिंह, चीफ प्रोबेशनर आफिसर मोहित चौधरी सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

No Comments

Leave a Reply

*

*

error: Content is protected !!