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11 December 2019

आंगनबाडी कार्यकत्रियों का दून में धरना

फोटोः डीडी 11, डीडी 12

कैप्शनः राजधानी दून के धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करती आंगनबाडी कार्यकत्री एवं धरने को संबोधित करते सीटू के लेखराज।

आंगनबाडी कार्यकत्रियों का दून में धरना

अप्रैल से शुरू लिया जाए मोबाइल से काम

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज सर्विस

देहरादून। आंगनबाडी कार्यकत्रियों को सरकार ने मोबाइल फोन तो दे दिए हैं लेकिन मोबाइल फोन से आंगनबाडी फिलहाल काम करने के लिए प्रशिक्षित नही हैं। जिसे देखते हुए आंगनबाडी कार्यकत्रियों ने मांग उठायी है कि जब तक उनका प्रशिक्षण पूरा नही हो जाता तब तक मोबाइल फोन के माध्यम से काम करने का दबाव न बनाया जाए। अप्रैल माह से मोबाइल से काम लिया जाए।

आज सुबह 11 बजे आंगनबाडी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन उत्तराखण्ड से जुडी आंगनबाडी कार्यकत्रियां एवं सेविकाएं जिला अध्यक्षा ज्येातिका पांडेय व जिला महामंत्री रजनी गुलेरिया के नेतृत्व में लैंसडाउन चैक के निकट स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुयी जहां उन्होने अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग को रखते हुए सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। धरना स्थल पर सीटू के पदाधिकारियों ने भी आंगनबाडी कार्यकत्रियों की आवाज के साथ अपनी आवाज बुलंद की।

इस दौरान सीटू के लेखराज ने धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य सरकार ने आंगनबाडी कार्यकत्रियों को मोबाइल फोन तो प्रदान कर दिए हैं लेकिन अभी आंगनबाडी कार्यकत्रियो का प्रशिक्षण पूरा नही हुआ है जिसके कारण आंगनबाडी कार्यकत्रियां मोबाइल फोन पर काम नही कर सकती। जिसे देखते हुए सरकार को फिलहाल उन्हे मोबाइल फोन पर काम न करने की छूट देनी चाहिए और उन लोगो से अप्रैल माह से मोबाइल पर काम लिया जाए। क्योकि तब तक उनका प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। उन्होने कहा कि इस महंगायी के समय में आंगनबाडी कार्यकत्रियो एवं सेविकाओं को मानदेय बहुत कम मिल रहा है। महंगाई को देखते हुए उनका न्यूनतम मानदेय कम से कम 18 हजार रूपये किया जाए। इस अवसर पर कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्षा ज्योतिका पाण्डेय ने कहा कि आज के धरने के माध्यम से आंगनबाडी कार्यकत्रियां एवं सेविकाएं सरकार तक अपनी मांगों को पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होने कहा कि आंगनबाडी कार्यकत्रियों को जो मोबाइल फोन दिए गए हैं उनसे सुचारू रूप से कार्य करने के लिए समय दिया जाए क्योकि अभी उनका प्रशिक्षण भी पूरा नही हुआ है और मोबाइल फोन पर काम कैसे करना है यह आंगनबाडी कार्यकत्रियों को ठीक नही आ रहा है। उन्होने कहा कि नंदा गौरा कन्या धन योजना का लाभ आंगनबाडी कार्यकत्रियों की बालिकाओं को भी दिया जाए। उसमे मासिक आय 6 हजार रूपये है जबकि आंगनबाडी कार्यकत्रियों को 7500 रूपये मिलते हैं जिसके कारण उनकी बालिकाओं को इस योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। धरने के उपरांत आंगनबाडी कार्यकत्रियों एवं सेविकाओ ने जिला प्रशासन के माध्यम से सचिव को 3 सूत्रीय मांग पत्र भी प्रेषित किया। धरना देने वालो मे मुख्य रूप से लक्ष्मी पंत, रजनी गुलेरिया, आशा रावत, चित्रकला, गीता, मीनू, पदमा, रचना, शोभा, गीता थापा, सपना, रेखा, सोमबाला, विष्णु राणा आदि शामिल थी।

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