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11 December 2019

शिव सेना ने किया टीएचडीसी के निजीकरण का विरोध

फोटोः डीडी 7 डीडी 8

कैप्शन : केंद्र सरकार का पुतला फूकते शिवसैनिक।

शिव सेना ने किया टीएचडीसी के निजीकरण का विरोध

शिव सेना ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून, 2 दिसम्बर। केंद्र सरकार ने हाल ही में टीएचडीसी को निजी हाथों में सौपने की बात कही है। जिसका शिव सेना ने विरोध किया है। शिव सेना महानगर इकाई ने केंद्र सरकार के इस कदम का तीव्र विरोध करते हुए देहरादून के लैंसडाउन चौक में सरकार का पुतला दहन किया। इस अवसर पर शिव सेना का कहना था कि केंद्र सरकार टीएचडीसी सहित सरकारी उपक्रमो को निजी हाथो में सौंप रही है। केंद्र सरकार ने यदि अपना फैसला वापस नही लिया तो शिव सेना चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर देगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

आज शिव सेना महानगर इकाई से जुडे शिव सैनिक लैंसडाउन चौक  में एकत्र हुए जहां उन्होने टीएचडीसी एवं अन्य सरकारी उपक्रमो के निजीकरण का विरोध करते हुए भाजपा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारी शिव सैनिको को संबोधित करते हुए शिव सेना के वरिष्ठ नेता मनोज सरीन ने कहा कि आज केंद्र सरकार के तानाशाह रवैये के कारण उत्तराखण्ड राज्य एवं पूरे देश में हजारो परिवारो के सामने रोजी रोटी का संकट खडा हो गया है। केंद्र की हठधर्मी सरकार आज पूर्ण रूप से तानाशाह रवैया अपना रही है और अपने कुछ चहेते उद्योगपतियो को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जिला सचिव विजय गुलाटी ने कहा कि टीएचडीसी का निजीकरण आपत्तिजनक  है। टिहरी बांध परियोजना में टिहरी व उत्तरकाशी जनपद के 129 गांवो की बलि दी गयी है। टिहरी सहित सैकडो गांव के लोगो ने अपना बहुत कुछ इस बांध के लिए न्यौछावर किया है। इसके साथ ही परियोजना से प्रभावित हजारो लोगो की पात्रता निर्धारण, विस्थापितो की भूमि से संबंधित भुगतान, पुनर्वास निजी से संबंधित कई मामले लंबित पडे है जिनका निस्तारण न होने के चलते लगभग 250 से अधिक मामले ऐसे जिनको लेकर सुप्रीम कोर्ट की गठित शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में लंबित है। टीएचडीसी के निजी हाथो में जाने से यह सभी मामले किस तरह से निस्तारित होंगे इसे लेकर तमाम सवाल आज भी खडे हुए हैं। जब तक इन मामलो का निस्तारण नही हो जाता तब तक केंद्र सरकार को टीएचडीसी के मामले में कोई भी कदम नही उठाना चाहिए। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भारत व राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम टीएचडीसी के विनिवेश का निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी है। विनिवेश से टीएचडीसी के कार्य और कर्मी भी प्रभावित होगे।

पुतला फूंकने वालो में मुख्य रूप से पंकज तायल, मनोज बोरा, संजीव दत्त मैठाणी, अभिनव बेदी, विकास राजपुत, विकास मल्होत्रा, विजय गुलाटी, शुभम जैमनी, अभिषेक सहानी, अमन आहूजा, मनीष राणा, रोहित बेदी, विकास मल्होत्रा आदि शिव सैनिक शामिल थे।

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