Breaking news
  • 4 माह में एसएसपी ने किया नशे की तस्करी करने वालो के नेटवर्क को ध्वस्त
  • युवतियों ने किया दून पुलिस का आभार प्रकट
  • खुर्दबुर्द की जा रही नगर निगम की सरकारी भूमि: लालचन्द शर्मा
  • महिला आरक्षी ने रक्तदान कर बचाई गर्भवती महिला की जान
  • महिलाओं के लिए किया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
  • नशे की लत से युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद : धस्माना
  • कांग्रेस ने किया भाजपा सरकार का पुतला दहन
  • 19 दिसंबर से होगा तीन दिवसीय एफीनिटी महोत्सव का आयोजन : अरुण 
Todays Date
11 December 2019

तीर्थ पुरोहित समाज करेगा सरकार के फैसले का विरोध

तीर्थ पुरोहित समाज करेगा सरकार के फैसले का विरोध

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादू/हरिद्वार। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् उत्तराखण्ड द्वारा कनखल स्थित प्रदेश कार्यालय पर एक बैठक कर सरकार द्वारा चार धाम श्राइन बोर्ड बनाने के फैसले को लेकर विरोध किया एवं चार धामपुरोहित समाज को परिषद का पूरा समर्थन देने की घोषणा की है। तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा कि हम तिरुपति मंदिर की तरह संपन्न नहीं हैं। सरकार ने गंगोत्री-युमनोत्री धाम के लिए आपदा के समय से लेकर अभी तक एक भी रुपए नहीं दिया है। हम जजमान और स्थानीय लोगों के सहयोग से काम करते हैं। इतनी बड़ी मंजूरी को बिना पंडा समाज को विश्वास में लिए पास करना हजारों परिवारों को बेघर करने की सरकार की नियत को सहन नहीं किया जाएगा। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पं. मनोज गौतम ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों का अहित नहीं होने दिया जायेगा चारधाम पर लागू होने वाला यह काला कानून हमारी सनातन संस्कृति को नष्ट करने वाला है, उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय के खिलाफ परिषद तीर्थपुरोहितों के पूरी तरह साथ है। सरकार की मंशा का हम घोर विरोध करते हैं। सनातन परंपरा को सरकार ने बदलने का निर्णय लेकर हिन्दू आस्था पर चोट की है। प्रदेश संयोजक पं. बालकृष्ण शास्त्री ने कहा कि परिषद पुरोहित समाज का पूरा सहयोग करेगी और किसी भी कीमत पर सनातन संस्कृति का नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। पंडा समाज को विश्वास में लिए बिना इतना बड़ा फैसला करना हजारों परिवारों को बेघर करने की सरकार की नियत को साफ दर्शा रहा है। सरकार मनमानी कर रही है जिससे वर्षों से चली आ रही परंपरा को आघात लगा है। महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि महापंचायत ने आगे की रणनीति तय करने के लिए कोर कमेटी के गठन का फैसला किया है। विधानसभा कूच का फैसला अपनी जगह कायम है। चार धाम श्राइन बोर्ड बनाने के सरकार के फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया है। चारों धाम के तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के इस निर्णय को काला कानून करार दिया है। हरिद्वार के तीर्थपुरोहित पं. नितिन गौतम ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि यह सरकार हिन्दू समाज के मन्दिरों के ही पीछे पड़ी है अन्य धर्मो के धार्मिक स्थल दिखाई नहीं दे रहे हैं। हरिद्वार का तीर्थ पुरोहित समाज सरकार के इस फैसले का पूरी तरीके विरोध करेगा। पं. संजीव सेमवाल पूर्व अध्यक्ष गंगोत्री मन्दिर ने कहा कि चारधाम पुरोहित समाज में उत्तराखंड चारधाम श्राइन बोर्ड विधेयक-2019 को मंजूरी को लेकर गहरा आक्रोश बना हुआ है। अगर सरकार अपने निर्णय में बदलाव नहीं करती है तो विधानसभा घेराव के साथ ही उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर पं. महेश चन्द्र सेमवाल गंगोत्री, डाॅ. बृजेश सती, पं. अरिरूद्ध प्रसाद उनियाल यमुनोत्री, पं. पुरूषोत्तम उनियाल यमुनोत्री, पं. सुनील कौशिक, पं. अनुराग शर्मा, पं. प्रदीप शर्मा, पं. मोहित सेमवाल, पं. राजीव गौड, पं. चन्द्रकिशोर दुबे सहित परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

No Comments

Leave a Reply

*

*

error: Content is protected !!