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Todays Date
28 November 2020

जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक आयाेजित

फोटोः डीडी 13

कैप्शन : जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक लेते जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव।

जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक आयाेजित

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। ‘‘जनपद में निर्यात हेतु सम्भावित उत्पादों और सेवाओं का चिन्हंाकन किया जाए’’ यह निर्देश जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कलेक्टेªट सभागार में जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने कृषि और उससे सम्बन्धित उद्यान, मत्स्य, डेयरी, पशुपालन आदि विभागों के साथ ही पर्यटन, उद्योग, शिक्षा विभाग, संस्कृति विभाग आदि विभागों को व्यापक पैमाने पर निर्यात प्रोत्साहन के लिए एरियावाइज विभिन्न प्रोडक्ट और सेवाओं की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विभाग को एक सप्ताह के भीतर ऐसे 10 उत्पाद अथवा सेवाओं की सूची तैयार करते हुए बैठक में उससे जुड़ी विभिन्न जानकारी को लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्यात प्रोत्साहन सूची में ऐसे उत्पादों और सेवाओं को रखें जो व्यावहारिक रूप से निर्यात करने योग्य हों, जिसकी आउटसाइड बड़ी डिमाण्ड हो और उस डिमाण्ड को पूरा किया जा सकता हो, लीक से हटकर हो तथा क्वालिटी बेहतर हो। उन्होंने कहा कि  विभिन्न क्षेत्रों में बहुत से उत्पादों और सेवाओं के निर्यात की व्यापक संभावनाएं छुपी हुई होती हैं और लोगों के पास बहुत ऐसी जानकारी होती हैं अथवा ऐसे उत्पाद होते हैं, जिनको कि ठीक ढंग से आईडेंटिफाई करते हुए उसको बेहतर ब्राण्डिंग व पहचान देकर उसे निर्यात योग्य बनाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देहरादून शहर की बासमती, लीची, बेकरी व डेकोरेटेड लाईट का सामान, को फिर से बेहतर तरीके से प्रोजेक्ट किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त स्कुलिंग एजुकेशन, टूरिस्ट, आईटी, इत्यादि में व्यापक संभावनाएं हैं। इसके अतिरिक्त कालसी-चकराता क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की दालें (राजमा, कुथली, सोयाबीन, उड़द,) अखरोट, हनी, पहाड़ी मुर्गे, अण्डे, सेब, एयरोमैटिक, फाॅर्मा, जूट से निर्मित उत्पाद, हथकरघा उत्पाद, हर्बल उत्पाद, आर्गेनिक उत्पाद तथा मौसम के अनुसार विभिन्न तरह के बने उत्पाद में बहुत व्यापक संभावनाएं हैं। हम उन संभावनाओं को तराशकर निर्यात् के लिए बेहतर माध्यम बना सकते हैं। इसी तरह टैक्सटाइल में भी बेहतर संभावना हैं। चकराता में पर्यटन को स्थानीय संस्कृति, बोली-भाषा, खान-पान, नृत्य-संगीत, लोकल एडवेंचर, ट्रैकिंग इत्यादि से जोड़कर बहुत कुछ बेहतर कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित विभागों को एक सप्ताह में सम्बन्धित सेवाओं-उत्पादों का चिन्हिकरण करते हुए बेहतर एक्सपोर्ट प्लान के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नितिका खण्डेलवाल, महाप्रबन्धक उद्योग शिखर सक्सेना, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, उद्योग एसोसिएशन से पंकज गुप्ता सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

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